जून 2026 पिछले भक्ति पठन

25. 06 2026 - यिर्मयाह 23:24

कोई व्यक्ति किसी छिपने के स्थान में अपने को मुझसे छिपाने का प्रयत्न कर सकता है। किन्तु उसे देख लेना मेरे लिये सरल है। क्यों क्योंकि मैं स्वर्ग और धरती दोनों पर सर्वत्र हूँ!

24. 06 2026 - 2 थिस्सलुनीकियों 3:3

किन्तु प्रभु तो विश्वासपूर्ण है। वह तुम्हारी शक्ति बढ़ाएगा और तुम्हें उस दुष्ट से बचाए रखेगा।

23. 06 2026 - यशायाह 40:31

किन्तु वे लोग जो यहोवा के भरोसे हैं फिर से शक्तिशाली बन जाते हैं। जैसे किसी गरुड़ के फिर से पंख उग आते हैं। ये लोग बिना विश्राम चाहे निरंतर दौड़ते रहते हैं। ये लोग बिना थके चलते रहते हैं।

22. 06 2026 - भजन संहिता 121:7-8

यहोवा तुझे हर संकट से बचाएगा। यहोवा तेरी आत्मा की रक्षा करेगा। आते और जाते हुए यहोवा तेरी रक्षा करेगा। यहोवा तेरी सदा सर्वदा रक्षा करेगा!

21. 06 2026 - भजन संहिता 91:1

जो परमप्रधान के छाए हुए स्थान में बैठा रहे, वह सर्वशक्तिमान की छाया में ठिकाना पाएगा।

20. 06 2026 - मरकुस 8:36

यदि कोई व्यक्ति अपनी आत्मा खोकर सारे जगत को भी पा लेता है, तो उसका क्या लाभ?

19. 06 2026 - इफिसियों 5:25-26

हे पतियों, अपनी पत्नियों से प्रेम करो। वैसे ही जैसे मसीह ने कलीसिया से प्रेम किया और अपने आपको उसके लिये बलि दे दिया।

18. 06 2026 - इफिसियों 6:4

और हे पिताओं, तुम भी अपने बालकों को क्रोध मत दिलाओ बल्कि प्रभु से मिली शिक्षा और निर्देशों को देते हुए उनका पालन-पोषण करो।

17. 06 2026 - भजन संहिता 68:4-5

परमेश्वर के गीत गाओ। उसके नाम का गुणगान करों। परमेश्वर के निमित राह तैयार करों। निज रथ पर सवार होकर, वह मरूभूमि पार करता। याह के नाम का गुण गाओ! परमेश्वर अपने पवित्र मन्दिर में, पिता के समान अनाथों का और विधवाओं का ध्यान रखता है।

16. 06 2026 - भजन संहिता 103:13

अपने भक्तों पर यहोवा वैसे ही दयालु है, जैसे पिता अपने पुत्रों पर दया करता है।

15. 06 2026 - नीतिवचन 23:24

नेक जन का पिता महा आनन्दित रहता और जिसका पुत्र विवेक पूर्ण होता है वह उसमें ही हर्षित रहता है।

14. 06 2026 - फिलिप्पियों 3:20

किन्तु हमारी जन्मभूमि तो स्वर्ग में है। वहीं से हम अपने उद्धारकर्ता प्रभु यीशु मसीह के आने की बाट जोह रहे हैं।

13. 06 2026 - लूका 11:13

सो बुरे होते हूए भी जब तुम जानते हो कि अपने बच्चों को उत्तम उपहार कैसे दिये जाते हैं, तो स्वर्ग में स्थित परम पिता, जो उससे माँगते हैं, उन्हें पवित्र आत्मा कितना अधिक देगा।

12. 06 2026 - भजन संहिता 19:1-2

आकाश परमेश्‍वर की महिमा का वर्णन कर रहा है, आकाश का मेहराब उसके हस्‍त-कार्य को प्रकट करता है। दिन से दिन निरन्‍तर वार्तालाप करता है, और रात, रात को ज्ञान प्रदान करती है।

11. 06 2026 - भजन संहिता 46:10

“शान्‍त हो, और जान लो कि मैं ही परमेश्‍वर हूँ। मैं राष्‍ट्रों में सर्वोच्‍च हूँ; मैं पृथ्‍वी पर सर्वोच्‍च हूँ।”

10. 06 2026 - कुलुस्सियों 3:13

आप एक दूसरे को सहन करें और यदि किसी को किसी से कोई शिकायत हो, तो एक दूसरे को क्षमा करें। प्रभु ने आप लोगों को क्षमा कर दिया। आप लोग भी ऐसा ही करें।

9. 06 2026 - मत्ती 7:13-14

“सँकरे द्वार से प्रवेश करो। चौड़ा है वह फाटक और विस्‍तृत है वह मार्ग, जो विनाश की ओर ले जाता है। उस पर चलने वालों की संख्‍या बड़ी है। किन्‍तु सँकरा है वह द्वार और संकीर्ण है वह मार्ग, जो जीवन की ओर ले जाता है। जो उसे पाते हैं, उनकी संख्‍या थोड़ी है।"

8. 06 2026 - हबक्कूक 3:19

यहोवा, जो मेरा स्वामी है, मुझे मेरा बल देता है। वह मुझको वेग से हिरण सा भागने में सहायता देता है। वह मुझको सुरक्षा के साथ पहाड़ों के ऊपर ले जाता है।

7. 06 2026 - भजन संहिता 90:2,4

हे परमेश्वर, तू पर्वतों से पहले, धरती से पहले था, कि इस जगत के पहले ही परमेश्वर था। तू सर्वदा ही परमेश्वर रहेगा। *** तेरे लिये हजार वर्ष बीते हुए कल जैसे है, व पिछली रात जैसे है।

6. 06 2026 - इफिसियों 3:17-19

मैं प्रार्थना करता हूँ कि आप प्रेम में जड़ पकड़ कर और दृढ़ता से स्थापित होकर, सब पवित्र संतों के साथ मिलकर, यह समझने की शक्ति पाएं कि मसीह का प्रेम कितना चौड़ा, लंबा, गहरा और ऊँचा है; और मसीह के उस प्रेम को जानें जो ज्ञान से परे है—ताकि आप परमेश्वर की पूरी भरपूरता तक भर जाएं।

5. 06 2026 - 1 थिस्सलुनीकियों 5:11

इसलिए एक दूसरे को सुख पहुँचाओ और एक दूसरे को आध्यात्मिकरूप से सुदृढ़ बनाते रहो। जैसा कि तुम कर भी रहे हो।

4. 06 2026 - 1 इतिहास 29:11

महानता, शक्ति, यश, विजय और प्रतिष्ठा तेरी है! क्यों? क्योंकि हर एक चीज़ धरती और आसमान की तेरी ही है! हे यहोवा! राज्य तेरा है, तू हर एक के ऊपर शासक है।

3. 06 2026 - नीतिवचन 15:1

कोमल उत्तर सुनने से जलजलाहट ठण्डी होती है, परन्तु कटुवचन से क्रोध धधक उठता है।

2. 06 2026 - इब्रानियों 9:28

सो वैसे ही मसीह को, एक ही बार अनेक व्यक्तियों के पापों को उठाने के लिए बलिदान कर दिया गया। और वह पापों को वहन करने के लिए नहीं, बल्कि जो उसकी बाट जोह रहे हैं, उनके लिए उद्धार लाने को फिर दूसरी बार प्रकट होगा।

1. 06 2026 - प्रकाशित वाक्य 21:2-4

मैंने यरूशलेम की वह पवित्र नगरी भी आकाश से बाहर निकल कर परमेश्वर की ओर से नीचे उतरते देखी। उस नगरी को ऐसे सजाया गया था जैसे मानों किसी दुल्हन को उसके पति के लिए सजाया गया हो। तभी मैंने आकाश में एक ऊँची ध्वनि सुनी। वह कह रही थी, “देखो अब परमेश्वर का मन्दिर मनुष्यों के बीच है और वह उन्हीं के बीच घर बनाकर रहा करेगा। वे उसकी प्रजा होंगे और स्वयं परमेश्वर उनका परमेश्वर होगा। उनकी आँख से वह हर आँसू पोंछ डालेगा। और वहाँ अब न कभी मृत्यु होगी, न शोक के कारण कोई रोना-धोना और नहीं कोई पीड़ा। क्योंकि ये सब पुरानी बातें अब समाप्त हो चुकी हैं।”