आज के वचन पर आत्मचिंतन...

कल, हमने पुराने नियम में सुलैमान के मंदिर के महान समर्पण भाषण की याद दिलाये है । अविश्वसनीय रूप से, पॉल का कहना है कि परमेश्वर ने उसकी आत्मा के द्वारा हमारे अंदर अपना निवास स्थान बना चूका है, ठीक उसी तरह जैसे कि वह यरूशलेम के मंदिर में निवास कर रहे थे। परमेश्‍वर के लिए हमारे पवित्र निवास के रूप में हमारी स्वीकार्यता उनके लिए एक बड़ी कीमत थी - उनके पुत्र की मृत्यु! हम में उसकी पवित्र उपस्थिति का सम्मान करने से कैसे इनकार कर सकते हैं? उसकी कृपा के जवाब में हम पवित्र जीवन कैसे नहीं जी सकते?

Thoughts on Today's Verse...

Yesterday, we were reminded of Solomon's great dedication speech of the Temple in the Old Testament. Incredibly, Paul asserts that God has taken up his dwelling inside of us through his Spirit, just as majestically as he took up his dwelling in the Jerusalem Temple. Our acceptability to God as his holy dwelling came at a great price to him — the death of his Son! How can we refuse to honor his holy presence in us? How can we not live a holy life in response to his grace?

मेरी प्रार्थना...

मुझे क्षमा करें, प्रिय पिता, उस समय के लिए जब मैंने अपने भीतर आपकी उपस्थिति के आश्चर्य को खो दिया है। आपकी आत्मा का उपहार एक चमकदार और विनम्र अनुग्रह है। एक बार फिर, पिताजी, मैं अपने शरीर को आपके मंदिर के रूप में खुश करने और सम्मान देने के लिए एक जीवित बलिदान के रूप में प्रस्तुत करने का वचन देता हूं। उसी समय, मैं स्वीकार करता हूं कि मुझे आपके पवित्र आत्मा के रूप में खुश करने और सम्मान देने के लिए आपकी पवित्र आत्मा की उपस्थिति और शक्ति की आवश्यकता है। मुझे नेतृत्व करो, मुझे शुद्ध करो, मुझे पवित्र करो, और मुझे अपनी आत्मा के द्वारा यीशु की तरह बनाओ। यीशु के नाम में मैं प्रार्थना करता हूँ। अमिन ।

My Prayer...

Forgive me, dear Father, for the times that I have lost sight of the wonder of your presence within me. The gift of your Spirit is a dazzling and humbling grace. Once again, Father, I pledge to present my body as a living sacrifice to please and honor you as your Temple. At the same time, I acknowledge that I need the presence and power of your Holy Spirit to please and honor you as your holy child. Lead me, cleanse me, purify me, and make me like Jesus by your Spirit. In Jesus' name I pray. Amen.

आज का वचन का आत्मचिंतन और प्रार्थना फिल वैर द्वारा लिखित है। phil@verseoftheday.com पर आप अपने प्रशन और टिपानिया ईमेल द्वारा भेज सकते है।

Today's Verse Illustrated


Inspirational illustration of 1 कुरिन्थियों 6:19-20

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