आज के वचन पर आत्मचिंतन...

यदि पुराने नियम के दिनों में कोई विदेशी राजा यह पहचान सकता है कि हमारा परमेश्वर कितना भव्य और गौरवशाली है, तो निश्चित रूप से हममें से जो यीशु के द्वारा उसकी कृपा प्राप्त कर चुके हैं, वे उसमें आनन्दित हो सकते हैं और उनकी प्रशंसा कर सकते हैं!

Thoughts on Today's Verse...

If a foreign King in the days of the Old Testament can recognize how grand and glorious our God is, surely those of us who have received his grace through Jesus can rejoice in him and give him praise!

मेरी प्रार्थना...

पिता परमेश्वर , आप शानदार और अद्भुत हैं। आपका शासन सत्य, धर्मी और शाश्वत है। आप अपने वादे निभाते हैं और उदारता से अपना आशीर्वाद भेजते हैं। आप अकेले ही वास्तव में पवित्र हैं, आपके वैभव और पराक्रम में कमाल है। मैं आपकी स्तुति करता हूं और आपको यीशु मेरे प्रभु के नाम से धन्यवाद देता हूं। अमिन ।

My Prayer...

Father God, you are glorious and awesome. Your rule is true, righteous, and eternal. You keep your promises and generously send forth your blessings. You alone are truly holy, awesome in your splendor and might. I praise you and thank you in the name of Jesus my Lord. Amen.

आज का वचन का आत्मचिंतन और प्रार्थना फिल वैर द्वारा लिखित है। phil@verseoftheday.com पर आप अपने प्रशन और टिपानिया ईमेल द्वारा भेज सकते है।

Today's Verse Illustrated


Inspirational illustration of दानिय्येल 6:26-27

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