आज के वचन पर आत्मचिंतन...

किसी में दोष ढूँढना हम में से कईओ के लिए कितना आसान हैं ।खुदे में दोष ढूँढना काफी कठिन हैं ।येशु हमे याद दिलाते हैं की इससे पहले की हम औरो को बताये की उन्हें कैसे जीना चाहिए, हमे पहले खुद के कमजोरियनों और पापों से निपटना चाहिए । काफी आसान दिखाई पड़ता हैं , हैं ना? परन्तु , हम सब जानते है की नहीं हैं ।

Thoughts on Today's Verse...

Finding fault in someone else is so easy for most of us. Finding fault in ourselves is much trickier. Jesus reminds us that we must deal with the shortcomings and sins in our own lives before we start telling others how to live. Seems pretty simple, doesn't it? But we all know it isn't.

मेरी प्रार्थना...

पिता, कृपया मुझे क्षमा कर की जब मैं औरो के प्रति रुखा, कठोर और आलोचात्मक होता हूँ । मैं जनता हूँ की मेरे खुद के जीवन में ही काफी बातें हैं जिनको पवित्र आत्मा के कार्य करने की आवश्यकता हैं । मैं अंगीकार करता हूँ की दैनिक पाप हैं जिनके लिए मैं अधिक से अधिक खुदके से बहाने ढूंढता हूँ । कृपया, प्रिय पिता, मेरे पापों से मुझे क्षमा कर और मुझे शक्ति दे की मैं उनसे आगे बढ़ जाऊँ । येशु के नाम से मैं प्रार्थना करता हूँ । अमिन ।

My Prayer...

Father, please forgive me when I am severe, harsh, and judgmental toward others. I know there are problems in my own life that need the work of your Holy Spirit. I confess that there are routine sins that I find myself excusing more and more. Please, dear LORD, forgive my sin and empower me to move beyond it. In Jesus' name I pray. Amen.

आज का वचन का आत्मचिंतन और प्रार्थना फिल वैर द्वारा लिखित है। phil@verseoftheday.com पर आप अपने प्रशन और टिपानिया ईमेल द्वारा भेज सकते है।

Today's Verse Illustrated


Inspirational illustration of मत्ती ७:३-५

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