आज के वचन पर आत्मचिंतन...

हम ब्रम्हांड के सृष्टिकर्ता द्वारा प्रेम किये गए है। वह हमें व्यक्तिगत रूप से जानता है। हमारा स्वर्गीय पिता हमारे बारे में काफी परवाह करता है। हालांकि परमेश्वर हमारे पापों और कमजोरियों के बारे जानते हुए भी, हमे छुड़ाने के लिए वह भारी कीमत चूकाने के लीये इच्छुक था। हालांकि हम कभी कभी कमजोर या विद्रोही होने पर भी, वह हमसे प्यार करता है, और हमे क्षमा करता है, और जब हम अपने पापों को स्वीकार करते है और उनके पास आते है तो वह हमे फिरसे स्वागत करता है। अगर परमेश्वर ने लगातार, विश्वासयोग्य और करुणा से प्यार किया है, कैसे हम उस प्रेम को एक दुसरे से नहीं बाट सकते है?

मेरी प्रार्थना...

अब्बा पिता ,धन्यवाद आपका बहोत महान और दयालु प्रेम के लिए। कृपया आपकी पवित्र आत्मा के द्वारा उस प्यार को मेरे ह्रदय में उंडेलते रहिये। कृपया मेरी मदद्त कीजिये की मैं आपके बच्चो के प्रति अधिक क्षमा करने वाला, धीरज और बलिदान वाला प्यार कर सकू। यीशु के नाम से मांगता हूँ।अमिन।

आज का वचन का आत्मचिंतन और प्रार्थना फिल वैर द्वारा लिखित है। [email protected] पर आप अपने प्रशन और टिपानिया ईमेल द्वारा भेज सकते है।

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