आज के वचन पर आत्मचिंतन...

जबकि पाप और मृत्यु दवारा आघात किये जाने के बाउजूद भी हम मनुष्य अब भी परमेश्वर के सवरूप में रचे गएँ हैं और उसकी परम देख भाल में अपने माँ की कोख में बनाए गए हैं। पर हम अपने कमजोरियों और असफलताओं की कठोर वास्तविक्ता से टकरा जाते हैं। हम परमेश्वर की तरह नहीं हो सकते जिससे की सर्वाधिक पहचाना जाता हैं, पवित्र। हम पाप करते हैं। हम विद्रोह करते हैं। हम असफल होते हैं। हम वो करते हैं जो हम जानते हैं की हमे नहीं करना चाहियें। हम परमेश्वर की इच्छा के महत्व को नजरअंदाज करते हैं और जो महत्व नहीं उस पर ध्यान देते हैं। अपने शब्दों से हम उनको चोट और दुःख पोहचाते हैं जिनसे हम प्रेम करते हैं। कौन हैं जो हमे इन कटु और सिमित वास्तविकताओं से बचा सकता हैं जो हम अपने आप में पते हैं? स्तुति और हालेलुयाह येशु को मिले, जब हम उस पर भरोसा रखते हैं अपना मसीहा और प्रभु मानकर, यद्यपि फिर वह हमे इन दुष्टाता से बचता हैं और हम दूसरों के प्रति और परमेश्वर के प्रति आशीषमय जीवन जीने के लिए तैयार करता हैं।

Thoughts on Today's Verse...

While marred by sin and death, human beings are still created in God's image and fashioned in our mother's womb by his Sovereign care. But we bump up against the hard reality of our weakness and failure. We cannot be like God in his most defining attribute, holiness. We sin. We rebel. We fail. We do what we know we should not do. We neglect the important matters of God's will and nit-pick at nothing. With our words, we hurt and injure those we love. Who can save us from these bitter and limiting realities that we find in ourselves? Praise and hallelujahs go to Jesus when we trust him as our Messiah and Lord since He can then save us from these evils and make us ready to live a life of blessing to others and to God.

मेरी प्रार्थना...

स्तुति और आदर के योग्य हो आप सर्वोच्या परमेश्वर।आप सामर्थी हो, पवित्र हो और तुलना से परे हो। आपको हमारे आपके बच्चों के प्रति प्रेमी, उदार, दयालु, क्षमायापी, और कोमल होने के लिए भी चुना गया है। जिस प्रकार के ईशवर होने के लिए आपको चुना गया हैं उस तरह के होने के लिए धन्यवाद् परमेश्वर। येशु के नाम से प्रार्थना करता हूँ। अमिन।

My Prayer...

Worthy of praise and honor are you God Most High. You are mighty, holy, and beyond compare. You have chosen to be loving, generous, merciful, forgiving, and tender with us, your children. Thank you for being God, just the way you have chosen to be God. In Jesus' name, I pray. Amen.

आज का वचन का आत्मचिंतन और प्रार्थना फिल वैर द्वारा लिखित है। phil@verseoftheday.com पर आप अपने प्रशन और टिपानिया ईमेल द्वारा भेज सकते है।

Today's Verse Illustrated


Inspirational illustration of रोमियों ७ :२४-२५

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