आज के वचन पर आत्मचिंतन...

पाप के बारे में हम कितने गंभीर हैं? बाइबल हमें याद दिलाती है कि परमेश्वर इसे कितनी गंभीरता से देखता है। पाप करने की शक्ति हमें लुभाने, हमें फंसाने, और अंततः अपनी शक्ति में हमें उलझा देती है, ऐसे मसीही मित्रों से प्यार कर सकती है, जो एक-दूसरे को प्रतिदिन प्रोत्साहित करते हैं।

मेरी प्रार्थना...

पिता, मैं जानता हूं कि पाप की शक्ति भ्रामक है। आज मुझे उन लोगों को देखने में मदद करें, जिन्हें मेरे प्रोत्साहन की ज़रूरत है, ताकि हम एक-दूसरे को पाप के जाल से बचाने में मदद कर सकें। यीशु के नाम पर, जिसने शैतान के सभी परीक्षणों को रोक दिया, मैं प्रार्थना करता हूँ। अमिन।

आज का वचन का आत्मचिंतन और प्रार्थना फिल वैर द्वारा लिखित है। phil@verseoftheday.com पर आप अपने प्रशन और टिपानिया ईमेल द्वारा भेज सकते है।

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