आज के वचन पर आत्मचिंतन...

हमें किसके पीछे चलना हैं यह हम कैसे तय करेंगे? हम कैसे बता सकते हैं की कौन धार्मिक परभक्षी, बईमान, और ढोंगी हैं और जो सचमें परमेश्वर की और से बोलते हैं ? येशु आते हैं और हमें परम परीक्षा दिखते हैं ; क्या चरवाह अपनी भेड़ों के लिए अपनी जान देगा ?

मेरी प्रार्थना...

धन्यवाद्, प्रभु परमेश्वर, येशु को मेरा चरवाह बनाके भेजने के लिए। मैं आपकी स्तुति करता हूँ उनके विश्वास, हियाव, और कायलता के लिए जिसमे ना केवल मेरे लिए बल्कि सारे संसार के लिए अपनी जान देने में अगुवाई हुई। मैं आपकी स्तुसती करता हूँ, प्रभु येशु, आपके त्यागपूर्ण प्यार और सिद्ध बलिदान के लिए। " उसको जो सिंहासन पर विराजमान है ", और "जो मेमना जो कुर्बान हुआ हैं," मैं गहरी सरहाना और प्रेमी स्तुति भेट चढ़ाता हूँ आपके अनुग्रह और दया के लिए! येशु के नाम से जो संसार एक ही उद्धारक हैं प्रार्थना करता हूँ ।आमीन।

आज का वचन का आत्मचिंतन और प्रार्थना फिल वैर द्वारा लिखित है। phil@verseoftheday.com पर आप अपने प्रशन और टिपानिया ईमेल द्वारा भेज सकते है।

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