आज के वचन पर आत्मचिंतन...

परमेश्वर ना केवल हमे दासत्व और पापके दाम से खरीदता है, पर वह हमे आश्वासन भी देता है की जो कोई उसपर भरोसा रखेंगे वह उन्हें शरण प्रदान करेंगा। हमारा भविष्य उससे बंधा हुआ है ना की जो हमे जरुरत हो उससे खुदके लिए उपाय करने या खुदको सुरक्षित रखने की हमारी योग्यता पर ।

Thoughts on Today's Verse...

God not only buys out our bondage and debt to sin, but he also assures us that he will provide refuge for those who trust in him. Our future is tied to him and not to our ability to provide and protect what we need.

मेरी प्रार्थना...

हे प्रभु, स्वर्ग और पृथ्वी के परमेश्वर मैं अपना जीवन और भविष्य आपके हांथों में सौपता हूँ । मैं आपकी इच्छा को जब पूरी करता हूँ तो कृपया मुझे इस्तेमाल करे की मैं औरों को आशीष दे सकू । येशु के नामसे मैं प्रार्थना करता हूँ। आमीन।

My Prayer...

O LORD, God of heaven and earth, I place my life and my future in your hands. Please use me to bless others as I do your will. In Jesus' name I pray. Amen.

आज का वचन का आत्मचिंतन और प्रार्थना फिल वैर द्वारा लिखित है। [email protected] पर आप अपने प्रशन और टिपानिया ईमेल द्वारा भेज सकते है।

Today's Verse Illustrated


Inspirational illustration of भजनसंहिता ३४:२२

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