आज के वचन पर आत्मचिंतन...

हम परमेश्वर को पवित्र और सर्वशक्तिमान ईश्वर दोनों के रूप में देखते हैं, जो आदर के साथ आराधनीय है, और हमारे अब्बा पिता के रूप में जिन्हें हम प्यार करने वाले बच्चों के रूप में समीप आते हैं। लंबे समय तक, अलंकृत और बुलंद प्रार्थनाओं के बजाय, परमेश्वर चाहता है कि हम उसके साथ हमारे जीवन के सबसे बुनियादी रोज़मर्रा के मुद्दों के बारे में बोलें और जानें कि वह हमें सुनता है, और हमारी ज़रूरत को पूरा करने और आशीष और अनुग्रह प्रदान करने के द्वारा हमारे आध्यात्मिक और भौतिक अनुरोधों का जवाब देता है |

Thoughts on Today's Verse...

We approach God as both the holy and almighty God who is to be worshiped in reverence and also as our our Abba Father whom we approach as loving children. Rather than needing long, ornate, and lofty prayers, God wants us to speak with him about the most basic everyday issues of our lives and know he hears us and responds to our spiritual and physical requests, doing what we need and blessing us with his grace.

मेरी प्रार्थना...

प्रिय पिता, एक पवित्र परमेश्वर होने के लिए धन्यवाद जो समीप भी है। कृपया मेरे जीवन में अपनी इच्छा को पूरा करें और मुझे अपनी महिमा के लिए इस्तेमाल करें। यीशु के नाम से प्रार्थना करता हुँ । आमीन !

My Prayer...

Dear Father, thank you for being a holy God who is also near. Please do your will in my life and use me to your glory. In Jesus' name. Amen.

आज का वचन का आत्मचिंतन और प्रार्थना फिल वैर द्वारा लिखित है। phil@verseoftheday.com पर आप अपने प्रशन और टिपानिया ईमेल द्वारा भेज सकते है।

Today's Verse Illustrated


Inspirational illustration of लूका 11:2-4

टिप्पणियाँ