आज के वचन पर आत्मचिंतन...

यह सब कहां से आया? पदार्थ, ऊर्जा और समय कहां से आए? हमारे ब्रह्माण्ड को सही क्रम और संरचना कहाँ से प्राप्त हुआ, जब हम सभी अपने अस्तित्व के क्षय, विकार और मृत्यु के बारे में जानते हैं? विश्वास से, हम जानते हैं कि यह हमारे स्वर्गीय पिता की स्पष्ट अभिप्राय से आया है!

मेरी प्रार्थना...

प्रिय परमेश्वर, आपके द्वारा बनाई गई अद्भुत दुनिया के लिए धन्यवाद। व्यवस्थित सिद्धांतों के लिए धन्यवाद जो हमारी दुनिया को नियंत्रित करते हैं और हमें इसे समझने में सहायता करते हैं। आपकी रचना की विविधता और महिमा पर मेरा दिल झूम उठता है। यीशु के नाम से प्रार्थना करता हुँ । आमीन !

आज का वचन का आत्मचिंतन और प्रार्थना फिल वैर द्वारा लिखित है। phil@verseoftheday.com पर आप अपने प्रशन और टिपानिया ईमेल द्वारा भेज सकते है।

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