आज के वचन पर आत्मचिंतन...

परमेश्वर की प्रतिज्ञाएं, परमेश्वर के पवित्र शास्त्र, और परमेश्वर का सत्य प्रतिस्पर्धी आवाज़ों और मूल्यों के इस बहुलवादी संसार में हमारा मार्ग खोजने में हमारी सहायता करते हैं। उसका वचन अन्धकारमय समय में हमारे मार्ग के लिए ज्योति बनता है, जब हम बहुधा संशयवाद और निराशा में फँसे होते हैं। अपनी ही भाषा में हमारे लिए दी गई परमेश्वर की इच्छा को जानने में हमें कैसा महान अनुग्रह प्राप्त हुआ है! अब, यदि हम केवल उस वचन की ज्योति में चलने का चुनाव करें और उसे अपने जीवनों में लागू करें। जैसा कि पवित्र आत्मा हमें बताता है: क्योंकि परमेश्वर का वचन जीवित और प्रबल है। वह किसी भी दोधारी तलवार से भी अधिक तीखा है, और जीव और आत्मा को, और गांठ-गांठ और गूदे-गूदे को अलग करके पार-पार छेदता है; और मन के विचारों और भावनाओं को जांचता है (इब्रानियों 4:12)। इसलिए, आइए हम पवित्र शास्त्र में परमेश्वर के वचन को खोलें, उसके परम वचन (यूहन्ना 1:1-3), हमारे प्रभु और उद्धारकर्ता यीशु मसीह का अनुसरण करने का यत्न करें, और उसके वचन की ज्योति में चलें!

मेरी प्रार्थना...

प्रेमी पिता, अपने पवित्र शास्त्र में हमें अपना सत्य प्रदान करने के लिए तेरा धन्यवाद। यह जानना वास्तव में विस्मयकारी है कि तू हम से इतना प्रेम करता है कि तूने ऐसी भाषा और ऐसे वचनों में संवाद किया जिन्हें हम सुन सकते हैं, पढ़ सकते हैं और समझ सकते हैं। इसलिए कृपया, हमारे हृदयों में उस सत्य के लिए भूख उत्पन्न कर जिसे तूने अपने वचन में प्रकट किया है। सनातन वचन, प्रभु यीशु के लिए धन्यवाद, जिसने तेरे सत्य को देहधारी रूप में साकार किया। हम तेरे परिवार में अपने उद्धारकर्ता के समान धर्मी और अनुग्रहकारी सन्तान के रूप में बढ़ना चाहते हैं। अपने सम्पूर्ण प्रेम के साथ, हम अपने बड़े भाई (इब्रानियों 2:10-11, 14) और उद्धारकर्ता, यीशु के नाम से तुझ से प्रार्थना करते हैं, ताकि हम तेरे जीवित वचन के रूप में उसके, और सत्य के वचनों के रूप में तेरे पवित्र शास्त्र के अनुरूप बन सकें। आमीन।

आज का वचन का आत्मचिंतन और प्रार्थना फिल वैर द्वारा लिखित है। help@verseoftheday.com पर आप अपने प्रशन और टिपानिया ईमेल द्वारा भेज सकते है।

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