आज के वचन पर आत्मचिंतन...

परमेश्वर के साथ आपकी चल में आपको कहाँ बढ़ने के जरुरत हैं ? कैसा होगा यदि आप अनुग्रह और ज्ञान के लक्ष्यों को एकसाथ अपना लक्ष्य बनादे । अधिकतम हम दोनों में से किसी एक को ही खोजते हैं । पर जब इन में से कोई एक भी दूसरे से अधिक महत्व रखने लगता हैं तब अपने मन में कुछ पागलसा होते दिखाई पड़ता हैं । अनुग्रह और ज्ञान दोनों को एकसाथ ही रहते है क्योकि हम दोनों को हमारे उद्धारकर्ता में एकसाथ ही देखते हैं ।

Thoughts on Today's Verse...

Where do you need to grow in your walk with the Lord? How about keeping the tandem targets of grace and knowledge together as your goal. So often we pursue one or the other. But something seems to come unhinged in our soul when either of those becomes more important than the other. Let's keep grace and knowledge together because we see them together in our Savior.

मेरी प्रार्थना...

पवित्र परमेश्वर मुझे यीशु के सामान और अधिक बढ़ना हैं । मैं जनता हूँ की मैं यह आपके आत्मा की सामर्थ और मेरे दिल की इच्छा के बिना नहीं कर सकता । साथ में प्रिय पिता, मुझे और अधिक अनुग्रहकारी व्यक्ति बनने में बढ़ना हैं । यीशु की उपस्तिथि को मेरे जीवन में जानना और अनुभव करना चाहता हूँ । कृपया इस पवित्र तलाश में मुझे आशीष दे । यीशु के नाम से प्रार्थना करता हूँ । आमीन ।

My Prayer...

Holy God, I want to grow to be more like Jesus. I know I cannot do that without your Spirit's power and my hearts desire. In addition, dear Father, I want to grow in being a gracious person. I want to know and experience Jesus' presence in my life. Please bless me in this holy quest. In Jesus' name I pray. Amen.

आज का वचन का आत्मचिंतन और प्रार्थना फिल वैर द्वारा लिखित है। phil@verseoftheday.com पर आप अपने प्रशन और टिपानिया ईमेल द्वारा भेज सकते है।

Today's Verse Illustrated


Inspirational illustration of २ पतरस ३:१८

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