आज के वचन पर आत्मचिंतन...

परमेश्वर अपने बच्चो से प्रेम करता है चाहे वे विद्रोही ही क्यों न हो जाये। फिरभी, परमेश्वर ने इस्राईलिओ को दिखाया की उनके विद्रोह से उसकी उपस्त्थि और आषीषे उनसे दूर हो जाएगी। लेकिन उनके सच्चे पश्चयताप, उनके पापो के अंगीकार करने के कारन, परमेश्वर उनके जीवनो में बेदारी, नयापन और पुनःस्थापना करने के लिए प्रसन्नता से वापस आया।

मेरी प्रार्थना...

पिता और सर्वसामर्थी प्रभु, कृपया मुझे मेरे पापो के लिए क्षमा कर। मैं अब खुलकर तुझसे अंगीकार करता हूँ ....(जो पाप आप मानना चाहते हो उनके प्रति निश्चित रहे) आपको मेरे जीवन में पाकर, मेरे व्यहवार से आपको आदर दे कर और मेरे शालीनता से आपके प्रेम को आदर दू यह मेरे लिए बहुत महत्वपूर्ण है । कृपया मुझे पुनःनया कर और प्रेम करने, भले काम करने और पवित्र जीवन जीने के लिए मुझे बल दे की तेरी स्तुति हो । येशु के नाम से । अमिन ।

आज का वचन का आत्मचिंतन और प्रार्थना फिल वैर द्वारा लिखित है। [email protected] पर आप अपने प्रशन और टिपानिया ईमेल द्वारा भेज सकते है।

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