आज के वचन पर आत्मचिंतन...

अनुशासन केवल हमारे लिए ही महत्वपूर्ण नहीं है,लेकिन जो लोग हमारे कार्यों से प्रभावित हैं उनके के लिए भी है.तो अक्सर हम दूसरों पर हमारे व्यक्तिगत निर्णय के प्रभाव को ना काबिल समझते हैं।लेकिन परमेश्वर ने हमे एक प्रभावचक्र में प्रत्येक को रखा है और एक आशीर्वाद हमारे आसपास के लोगों पर मुक्ती का प्रभाव देने के लिये.मूर्खता को चुनना,धर्मी सुधार को अनदेखी करना,न केवल हमारे स्वयं के भविष्य को जोखिम में डालते है,परंतु दूसरों के भविष्य को भी।

Thoughts on Today's Verse...

Discipline is not only important to us, but also to those who are influenced by our actions. So often we undervalue the impact of our personal decisions on others. But God has placed each of us in a circle of influence to be a blessing and a redemptive influence on those around us. To choose what is foolish, to ignore godly correction, not only jeopardizes our own future, but also the future of others.

मेरी प्रार्थना...

पिता,विनम्र कर और धीरे से मुझे ठीक करें।मैं जानता हूँ कि मैं कमजोर हूँ या नहीं हु मैं जहा आध्यात्मिकता में होना चाहता हूँ।मुझे अपनी आत्मा के साथ परिपक्व कर और अपने वाचन,अपने चरवाहों,और अपने अनुशासन के द्वारा मुझे सही कर।मेरी प्रभाव उन पर कर जो आपने चारों ओर रखा है।यीशु के नाम में प्रार्थना मंगता हूँ.अमीन

My Prayer...

Father, humble and correct me gently. I know I am weak and not where I want to be spiritually. Mature me with your Spirit and correct me with your Word, your shepherds, and your discipline. Make my influence a blessing to those you have placed around me. In Jesus' name I pray. Amen.

आज का वचन का आत्मचिंतन और प्रार्थना फिल वैर द्वारा लिखित है। phil@verseoftheday.com पर आप अपने प्रशन और टिपानिया ईमेल द्वारा भेज सकते है।

Today's Verse Illustrated


Inspirational illustration of नीतिवचन १०:१७

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