आज के वचन पर आत्मचिंतन...

बाइबिल एक आवर्ती सच्चाई से रोता है: परमेश्वर अपने खोजनेवालो की प्यास को बुझाता है और भूख को संतुष्ट करता है हम अक्सर अपनी आत्मा की पीड़ा को शांत करने की कोशिश करते हैं और हमारे ह्रदय के खालीपन उन अस्थायी संतोष से भरने की कोसिस करते हैं जो केवल परमेश्वर की उपस्थिति के द्वारा ही भर सकता है। तो चलो हम झूठे संतुष्टि को अस्वीकार कर और परमेश्वर की तलाश करें!

Thoughts on Today's Verse...

The Bible cries out with one recurring truth: God quenches the thirst and satisfies the hunger of those who seek him. So often we try to soothe the ache in our soul and fill the emptiness in our heart with what is only a temporary satisfaction that only God's presence can fill. Let's refuse every false satisfaction and seek the LORD!

मेरी प्रार्थना...

मुझे माफ कर दो, प्रिय पिता, मैंने अपनी प्राणों के भूख से संतुष्टि पाने का प्रयास उन वस्तुओं से करने की कोसिस कि जो वास्तव में निरंतर नहीं रख सकती। (प्रलोभन के क्षेत्र को स्वीकार करें जो अक्सर आप को इन क्षेत्रो में ठोकर खिलातीं हैं जो कि — सेक्स, पद, संपत्ति, आर्थिक सुरक्षा, रासायनिक निर्भरता, भोजन का दुरुपयोग, शरीर की पहचान आदि हैं)। जैसे मैं आपको खोजता हूँ, प्रिय प्रभु, तब आप मेरी आत्मिक प्यास और मेरे प्राणों की भूख को परितृप्त करिए| मेरे प्रभु, येशु के नाम में| आमीन|

My Prayer...

Forgive me, dear Father, for trying to find the satisfaction for my soul's hunger in what is not truly sustaining. (Confess the area of temptation that most often causes you to stumble in this area — sex, status, possessions, economic security, chemical dependency, abusing food, body identity, etc.) As I seek you, dear LORD, please make your presence known as you satisfy my spiritual thirst and satiate my soul's hunger. In the name of Jesus, my Lord. Amen.

आज का वचन का आत्मचिंतन और प्रार्थना फिल वैर द्वारा लिखित है। phil@verseoftheday.com पर आप अपने प्रशन और टिपानिया ईमेल द्वारा भेज सकते है।

Today's Verse Illustrated


Inspirational illustration of भजन संहिता १०७:९

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