आज के वचन पर आत्मचिंतन...

बाइबिल एक आवर्ती सच्चाई से रोता है: परमेश्वर अपने खोजनेवालो की प्यास को बुझाता है और भूख को संतुष्ट करता है हम अक्सर अपनी आत्मा की पीड़ा को शांत करने की कोशिश करते हैं और हमारे ह्रदय के खालीपन उन अस्थायी संतोष से भरने की कोसिस करते हैं जो केवल परमेश्वर की उपस्थिति के द्वारा ही भर सकता है। तो चलो हम झूठे संतुष्टि को अस्वीकार कर और परमेश्वर की तलाश करें!

मेरी प्रार्थना...

मुझे माफ कर दो, प्रिय पिता, मैंने अपनी प्राणों के भूख से संतुष्टि पाने का प्रयास उन वस्तुओं से करने की कोसिस कि जो वास्तव में निरंतर नहीं रख सकती। (प्रलोभन के क्षेत्र को स्वीकार करें जो अक्सर आप को इन क्षेत्रो में ठोकर खिलातीं हैं जो कि — सेक्स, पद, संपत्ति, आर्थिक सुरक्षा, रासायनिक निर्भरता, भोजन का दुरुपयोग, शरीर की पहचान आदि हैं)। जैसे मैं आपको खोजता हूँ, प्रिय प्रभु, तब आप मेरी आत्मिक प्यास और मेरे प्राणों की भूख को परितृप्त करिए| मेरे प्रभु, येशु के नाम में| आमीन|

आज का वचन का आत्मचिंतन और प्रार्थना फिल वैर द्वारा लिखित है। [email protected] पर आप अपने प्रशन और टिपानिया ईमेल द्वारा भेज सकते है।

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