आज के वचन पर आत्मचिंतन...

एक बात हैं जो सुसमाचारों की पुस्तकों(मत्ती, मरकुस, लुका, और यूहन्ना) में स्पष्ट होती हैं वह ये हैं की यीशु की क्रूस पर मौत कोई घटना नहीं थी। यीशु जानता था की कैसी चुनौतिया उसका इंतज़ार कर रही हैं येरूशलेम में और वह उसमे चला गया की हमें निकाल सके उसी होनी से। यदि केवल हम अपनी चुनौतियों का सामना विश्वास से करे जिनमे परमेश्वर दर्द के परे हमारी अगुवाई जीत में करेंगे!

मेरी प्रार्थना...

पवित्र और प्रेमी पिता, मेरे पापों को अपने पुत्र की मौत से अनुग्रह के द्वारा ढापने की योजना के लिए धन्यवाद। संभवतः मैं आज उसके बलिदान की जागरूकता के साथ जीऊं और पापों और मौत पर उसके विजय के आत्मविश्वास के साथ जीऊं, की मेरे जीवन से तेरी जीत प्रगट हो । मेरे बहुमूल्य उद्धारकर्ता यीशु के नाम से, प्रार्थना करता हूँ। अमिन।

आज का वचन का आत्मचिंतन और प्रार्थना फिल वैर द्वारा लिखित है। [email protected] पर आप अपने प्रशन और टिपानिया ईमेल द्वारा भेज सकते है।

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