आज के वचन पर आत्मचिंतन...

यह परमेश्वर की वाचा है उसके लोगो के प्रति जब उनका मसीहा चंगाई और प्रभु के अनुग्रह से आशीष की समर्थ के साथ आएगा । और कई तौर पर यही हमारी वाचा है मसीही होने के नाते। हम निश्चय ही उत्साह मानते है क्योकि उसने हमे व्यवस्था से ,पापो से और मृत्यु से हमारे आनेवाले प्रभु और उधारकर्ता के द्वारा छुड़ाया । येशु के बलिदान के कारन , परमेश्वर की संतान होने के नाते हमे मसीही के वस्त्र पहाये गये है (गलातियों ३:२६-२७) और हमे उधार की पोषक और धार्मिकता का चोगा दिया गया है।

मेरी प्रार्थना...

धन्यवाद् प्रिय पिता मुझे येशु के बलिदान के द्वारा धार्मिक बनाने के लिए । धन्यवाद प्रभु येशु मेरे पापो के प्रति दाम को चुकाने के लिए की मुझे जीवन मिले । धन्यवाद पवित्र आत्मा मुझे पापो से शुद्ध करने के लिए और समर्थ देने के लिए की परमेश्वर के लिए जीवन जीने सकू । प्रिय परमेश्वर, मुझे ऐसा होने दे , की मेरे जीवन से आस पास के लोग यह जान सके की आप ने मुझे पूर्ण किया और पवित्र किया है । येशु के नाम से प्रार्थना करता हूँ । आमीन।

आज का वचन का आत्मचिंतन और प्रार्थना फिल वैर द्वारा लिखित है। [email protected] पर आप अपने प्रशन और टिपानिया ईमेल द्वारा भेज सकते है।

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