आज के वचन पर आत्मचिंतन...

अपने जीवन के सबसे बड़े हिस्से में क्या काम करने में बिता रहे हो? क्या वह अधिकारी बनने में, तरक्की पाने में, महत्वपूर्ण महसूस करने में, एक सुरक्षित जीवनशैली जीने में...? यदि वह आपसे दूर करदिया जाये, या फिर आपको उस में से निकल दिया जाये, तो वह उतना स्थाई नहीं होगा, हैं ना! केवल जो येशु हमें देते हैं वही स्थाई होता है, और वह परमेश्वर के अनुग्रह से अत हैं। तो कैसे आप और परिपूर्णता से उन कार्यों में निवेश कर सकते हो जो, "अनंत जीवन में बना रहे"?

मेरी प्रार्थना...

मेरे सोच को स्वच्छ कर, प्रिय परमेश्वर, की मै और स्पष्टता से देख सकू की क्या है वह जो मैं अपने जीवन में कार्य कर रहा हूँ। मेरी मददत करियें की, "मेरा " समय, और "मेरा" धन जो अनंत बाटे हैं उन में खुद पर निवेश के तरीके ढूंढ सकू । लेकिन, प्रिय पिता, मैं इस बात का अंगीकार करता हूँ की आपकी मददत की जरुरत होगी मेरे महत्व को आपके साथ सम्बन्ध में खोजने के लिए और जो मैं कार्य करता हूँ, उत्पन करता हूँ और उपलब्धि पता हूँ उस में नहीं हैं । कृपया मुझे क्षमा करे और शक्ति दे की जब मैं खुदको समर्पित करता हूँ सब बातों से बढ़ कर आपको खोजने में। येशु आपके पुत्र और मेरे उद्धारकर्ता के नाम से प्रार्थना करता हूँ। अमिन।

आज का वचन का आत्मचिंतन और प्रार्थना फिल वैर द्वारा लिखित है। phil@verseoftheday.com पर आप अपने प्रशन और टिपानिया ईमेल द्वारा भेज सकते है।

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