आज के वचन पर आत्मचिंतन...

हमारा जीवन, हमरा भविष्य, और हमारी योजनाए परमेश्वर के हांथों में हैं। यह वास्तविकता जिससे हम बच नहीं सकते हमरे अस्तित्व की बुनियाद हैं । यह हमारे आनंद और ताजगी की भी नीव हैं जब हम एक दूसरे के साथ होते हैं। कुछ क्षणों के लिए सोचे: हमारी भेट एक दूसरे के साथ और एक दूसरों के प्रति हमारी सेवकाईयाँ, संजोग से नहीं घटती हैं । यह परमेश्वर के अनुग्रह के कार्य हैं जो हमे अवसर देते हैं की हम परमेश्वर के आशीषों में और आनंद में भाग ले सके।

मेरी प्रार्थना...

पवित्र पिता, मेरे जीवन में सीधे तौर पर शामिल होने के लिए धन्यवाद्। आपके आत्मा की अगुवाई के लिए,वचन के मार्गदर्शन के लिए, और बुजर्ग मसीहों की बुद्धि के लिए धन्यवाद। इन सब बातों ने मेरे जीवन में मायनों को और गहरा कर दिया हैं और आपके राज्य के प्रति मेरे सेवा को सामर्थ दिया हैं । कृपया आपके अनुग्रह और आनंद के विषय में और अधिक सिद्ध एहसास दे जब मैं मसीह हों के साथ होता हूँ जहाँ कही भी हो। मैं जनता हूँ की यह बहुमूल्य सदस्य आपके परिवार के मेरे सहयोगी संजोग से रस्ते में नहीं बने, बल्कि आपके इच्छा की स्मरण दिलते हैं की मुझे अशिक्षित करे और आपकी उपस्तिथि से आपके बच्चों को तारो तजा करे। येशु के नाम से मैं आपको धन्यवाद करता हूँ। आमीन।

आज का वचन का आत्मचिंतन और प्रार्थना फिल वैर द्वारा लिखित है। phil@verseoftheday.com पर आप अपने प्रशन और टिपानिया ईमेल द्वारा भेज सकते है।

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