आज के वचन पर आत्मचिंतन...

कुछ प्रार्थनाये इतनी साधारण और बहुत बहुमूल्य होती है । किसी "पर" अनुग्रह की प्रार्थना करना एक महान आशीष है। ये और भी महान होगा की ये प्रार्थना करे की यह अनुग्रह भुगतिक , बाहरी वस्तुओ से बढ़कर हो। तो क्यों यह प्रार्थना उनके लिए करे जिनसे आप प्यार करते हो ।

मेरी प्रार्थना...

परमेश्वर, कृपया अपना अनुग्रह इन पर बरसा जिनसे मै गहराई से प्यार करता हूँ और जो तेरे अनुग्रह, दया और सामर्थ को जानना चाहते है । इन के लिए मै प्रार्थना करता हूँ ....येशु के नाम से । अमिन।

आज का वचन का आत्मचिंतन और प्रार्थना फिल वैर द्वारा लिखित है। [email protected] पर आप अपने प्रशन और टिपानिया ईमेल द्वारा भेज सकते है।

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