आज के वचन पर आत्मचिंतन...

क्या है जो डर से आपके हृदय की रक्षा करता है ? केवल एक ही रक्षक है जो सिद्ध और विश्वासयोग्य है, उसका नाम प्रभु है । वह हमारा आत्मविशवास और रक्षक है । जैसे पौलुस ने काफी समय पूर्व बड़े ही प्रभावशाली ढंग से की प्रार्थना और पवित्र आत्मा परमेश्वर के छुटकारे का आश्वासन है । या तो हम सामर्थी रूप से परमेश्वर की सेवा करने के लिए मौत से छुड़ाए जाएंगे या फिर हम मौत के द्वारा छुड़ाए जाएंगे की उसके साथ अनंत जीवन बाट सके । हम धोके में नहीं फसेंगे जब हमारा भाग्य और भविष्य परमेश्वर के हाथो में है !

मेरी प्रार्थना...

सर्वसामर्थी छुड़ानेवाले , कृपया मुझे हियाव दे की तेरे लिए जोश के साथ जी सकू, कीमत चाहे जो हो । आप मुझे छुड़ाएंगे यह मै भरोसा करता हूँ । येशु के नाम से मै आत्मविश्वास से प्रार्थना करता हूँ । अमिन।

आज का वचन का आत्मचिंतन और प्रार्थना फिल वैर द्वारा लिखित है। [email protected] पर आप अपने प्रशन और टिपानिया ईमेल द्वारा भेज सकते है।

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